धनतेरस 2026: सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त; प्रदोष काल से वृषभ काल तक के सटीक समय और क्या न खरीदें
धनतेरस 2026 पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने के सर्वश्रेष्ठ चौघड़िया और प्रदोष काल मुहूर्त। दिल्ली, मुंबई, जयपुर सहित प्रमुख शहरों में शुभ समय, पूजा विधि और किन वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए।
प्रदोष काल, वृषभ काल और त्रयोदशी तिथि का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का आरंभ होता है। इसी दिन समुद्र मंथन से आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
सूर्यास्त के बाद के लगभग 2 घंटे 24 मिनट के समय को प्रदोष काल कहा जाता है। जब प्रदोष काल में स्थिर लग्न (वृषभ काल) उपस्थित होता है, तो उस समय की गई लक्ष्मी पूजा और सोने-चांदी की खरीदारी से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
दृक पंचांग के अनुसार 6 नवंबर 2026 को धनतेरस पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 06:02 बजे से रात 07:57 बजे तक कुल 1 घंटा 56 मिनट रहेगा।
सोना, चांदी और पीतल खरीदने के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रातःकालीन मुहूर्त (चर व लाभ): सुबह 07:41 से 09:08 बजे तक — सर्राफा बाजार और पारिवारिक ज्वेलर्स से खरीदारी के लिए उत्तम।
दोपहर का मुहूर्त (शुभ व अमृत): दोपहर 12:03 से 01:30 बजे तक — डिजिटल गोल्ड, आभूषण और सिक्कों की बुकिंग के लिए अत्यंत लाभकारी।
संध्याकालीन मुहूर्त (प्रदोष काल व लाभ): शाम 05:51 से रात 08:57 बजे तक — सोने-चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश मूर्ति और बर्तन खरीदने का सर्वोत्तम समय।
रात्रि मुहूर्त (शुभ): रात 08:57 से 10:30 बजे तक — कामकाजी लोगों और देर शाम मॉल व शोरूम में खरीदारी करने वालों के लिए अनुकूल।
- Morning:सुबह 07:41 से 09:08 (शुभ चौघड़िया)
- Afternoon:दोपहर 12:03 से 01:30 (लाभ चौघड़िया)
- Evening Puja:शाम 06:02 से 07:57 (प्रदोष काल पूजा)
धनतेरस पर किन वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए?
लोहा और लोहे से बनी वस्तुएं: ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार लोहा शनि का कारक है, इसलिए मां लक्ष्मी के स्वागत के दिन लोहे की खरीद से बचना चाहिए।
धारदार वस्तुएं: चाकू, कैंची, ब्लेड या औजार धनतेरस के दिन न खरीदें, इन्हें पारिवारिक सुख-शांति के लिए शुभ नहीं माना जाता।
कांच के बर्तन: कांच का संबंध राहु से माना जाता है और इसके टूटने की संभावना रहती है, इसलिए धनतेरस पर मिट्टी, पीतल या चांदी के बर्तन श्रेयस्कर हैं।
काले रंग की वस्तुएं: धनतेरस पर गहरे काले वस्त्र या वस्तुओं के बजाय सुनहरे, पीले और लाल रंग की शुभ वस्तुओं को प्राथमिकता दें।